मेरी शक्ति में ,
मेरी भक्ति में ,
मेरी तपस्या में , हरदम
मेरी अभिव्यक्ति तुम l
मेरी साधना में ,
मेरी आराधना में ,
मेरी भावनाओं में , हरदम
मेरी अभिव्यक्ति तुम l
मेरी सांसो में ,
मेरे अहसांसो में ,
मेरे ‘अंतर्मन’ की गहराइयों में , हरदम
मेरी अभिव्यक्ति तुम l
मेरे खयालो में ,
मेरे सवालों में ,
मेरी तन्हाइयों में , हरदम
मेरी अभिव्यक्ति तुम l
मेरी आशा में ,
जीवन की परिभाषा में ,
तुम्हारे बिन ‘अल्पी’ , “ बेकस ”
मेरी अभिव्यक्ति तुम l
“अल्पना मिश्रा”

'बेकस' का प्रयोग बेहतरीन है,आदरणीय।
ReplyDeleteएक गीत याद आया
बेकस ने क़दम कीजिए।।।
नमस्कार