बागों में अमुआँ की, डाली-डाली है बौराई ,
खिल उठे फूल टेसू के, केसरिया चादर है ओढ़ाई,
मानो जैसे बसुंधरा, कर आयी है श्रृंगार ,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
खिल उठे फूल टेसू के, केसरिया चादर है ओढ़ाई,
मानो जैसे बसुंधरा, कर आयी है श्रृंगार ,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
टोली, होली की आते ही, जहन में, ये बात आई ,
भरकर मुठ्ठी अबीर-गुलाल की, चारों ओर है उड़ाई,
मानो धरा पर उमड़ आया हो, बदरा का गुबार,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
बच्चे भरकर गुब्बारे , एक-दूजे पर करें प्रहार,
भरकर मुठ्ठी अबीर-गुलाल की, चारों ओर है उड़ाई,
मानो धरा पर उमड़ आया हो, बदरा का गुबार,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
बच्चे भरकर गुब्बारे , एक-दूजे पर करें प्रहार,
रंग भरी पिचकारी से, एक-दूसरे पर मारें धार,
मानो आयी धरती पर, सतरंगी सावन की बौछार,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
मानो आयी धरती पर, सतरंगी सावन की बौछार,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
घर-घर बने पकवानों से, खुशबू की आ रही बहार,
जाकर घर एक-दूसरे के, खूब खाए बारम्बार ,
ठंडाई के आगोश में , मानो मदहोश हुआ संसार,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
जाकर घर एक-दूसरे के, खूब खाए बारम्बार ,
ठंडाई के आगोश में , मानो मदहोश हुआ संसार,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
उमंग-उल्लास से भरा, खुशियों का है यह त्यौहार ,
सारी दुश्मनी मिटाकर, आयो खेलें मिलकर यार,
मानो 'अल्पी' बसुधा पर, 'एक कुटुंब' है यह संसार,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
सारी दुश्मनी मिटाकर, आयो खेलें मिलकर यार,
मानो 'अल्पी' बसुधा पर, 'एक कुटुंब' है यह संसार,
आया होली का त्यौहार, लाया खुशियां अपार |
..........." अल्पना मिश्रा "


छोटे बड़े
ReplyDeleteअमीर ग़रीब का
फर्क मिटाता बस एक त्यौहार है।।।होली।।समानता का ये भाव अन्य त्यौहारों मे।।शायद,अल्प मात्रा में उपलब्ध है
होली के त्योहार का अत्यंत सुंदर वर्णन किया है आपने दीदी।
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